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lirik lagu madhushree – soja zara

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ओ रे बंसी बजईया
नन्द लाल कन्हियाँ

ओ रे बंसी बजईया
नन्द लाल कन्हियाँ
ओ रे बंसी बजईया
नन्द लाल कन्हियाँ
मोहे मोहे ऐसे नहीं छेड़ो सारे
सुनो सुनो मोसे नहीं खेलो दारे
जाके यशोदा से कह दूँगी रे
कान्हां सोजा जरा
ओ कान्हां सोजा जरा

लुक झुक के यूँ ना तक मोहे
कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा
नैनों से न छू न मोहे
कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा
कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा

गोपियों के पीछे फिरे निशदिन परछिन
रख गये बाँध तेरे
साँस जरा ले ले
रुक जा कान्हां थम जा
मान भी जा पगले

सँवारे…
बावरे…
कल भी होंगी ये रंगरलियाँ
कल फिर आना ओ रे छलियाँ
डूबा ये दिन चल सोजा

कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा
कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा

सुनी जो तेरी मुरली
चली रे चली रे चली रे
पिया मेरे ओ ज़ुल्मी
गाउँ तेरे ही बीते दिन
ले में तेरी हो गयी
चढ़ गयी तेरी पीत रे
मोह ना

क्या हुआ
यूँ मत्ती मारी गई मोरी कैसी
छोडा बैल के आगे तुझे ऐसे
है ये सारा दोस मेरा

कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा
कान्हां सोजा जरा ओ कान्हां सोजा जरा

ओ रे बंसी बजईया
नन्द लाल कन्हियाँ
ओ रे बंसी बजईया
नन्द लाल कन्हियाँ
मधुसूदना मनसूदना मनोहरा मनमोहन
मधुसूदना मनसूदना मनोहरा मनमोहन

कान्हां
कान्हां
कान्हां …कान्हां